रविवार, 12 अक्तूबर 2008

एक वादा ......

एक वादा ......
जो निभाने से पहले ही भूल गए
वो वादा
जिसे तुम तकिए में डाल कर सो गए
वो वादा
जो मुझे उम्मीद की किरण दिखा गया
वो वादा
जो उषा की लाली की तरह सपने सजा गया
वो वादा
जिसके सहारे जीवन के ताने बाने बुनने की सोची थी
वो वादा
जो वक़्त आने पे जीवन का अर्थ बन सकता था
वो वादा
जिसका सपना देख पथराई आँखें भी गुनगुना उठती थी
वो वादा .............
हाँ वो वादा
और तुम वो वादा कर के भूल गए

वो वादा
जो मेरे जीवन की डोर थी.
वो वादा
जो मेरे जीवन की आशा थी
वो वादा
जो कुछ कर जाने की अभिलाषा थी
वो वादा
मेरे ख्वाबो की एक हसीन परछाई थी
वो वादा
उम्मीद थी, मेरे भरोसे की सच्चाई थी
वो वादा
जो शायद मेरे जीवन की इकलौती कमाई थी
वो वादा .....
हाँ वो वादा
और तुम वो वादा कर के भूल गए

वो वादा
पर कैसे तुम वो भूल गए
वो वादा
क्या तुम्हें कुछ याद आया
वो वादा
जानता हूँ मैं, कब का भुला चुके हो
वो वादा
जिसे याद करने की तुमको तमन्ना ही नहीं
वो वादा
हाँ वो वादा
जो तुम तकिए में डाल के सो गए

अब जाओ , ना याद करो, मुझे जी लेने दो
इस वादे के ख्वाबो की झिलमिलाती तस्वीरों में
खो जाने दो
उस वादे के निभ जाने की आस में
वो वादा
हाँ वो वादा
जिसे तुम करके भूल गए.....

---------- निपुण पाण्डेय "अपूर्ण"

1 टिप्पणियाँ:

moni मंगलवार, 21 अक्तूबर 2008 को 7:22:00 pm IST  

javed akhtar aur guljaar sahab ki v chutti kar di hai bro....really very nice...oooopssss sorry ati utt
am

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