शनिवार, 2 मई 2009

अफ़साने

१. ज़िन्दगी में ख़ुशी खोजते हैं सभी
कुछ आती हैं , कुछ आकर जाती भी

अफ़साने इसी तरह बना करते हैं |



२. कारवां चला करते हैं वक़्त के संग-संग
बहक पड़ते हैं कुछ पल ले के नए रंग

बहके रंग, पलों को अफसाना बना देते हैं |




३. भीड़ में मिलते हैं, गुजरते हैं हज़ार चेहरे
एक पल को थम जाते हैं कदम जो कहीं

अफ़साने वहीँ कुछ बन जाया करते हैं |

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कुछ लम्हे

वक़्त कट जाता है
उम्र गुज़र जाती है
लम्हे कुछ मगर
लम्हे ही रह जाते हैं,

अँधेरी रात में
भटकते जुगनू,
करीब जाओ
सिमट से जाते हैं,

जाने क्या है
तिलिस्म सा कुछ,
जो लगे अपने
बिखर से जाते हैं|

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शनिवार, 25 अप्रैल 2009

जीवन क्या है...

ग़ज़ल लिखने के मेरे प्रयास का दूसरा कदम....



जीवन क्या है एक ना एक दिन जानना पड़ता है
खोने पाने का हर मौसम सबको काटना पड़ता है |

सुन्दर सुर्ख नहीं हो जाते यूँ ही सारे गुलाब
कोपल छोड़ उन्हें कांटो में खिलना पड़ता है |

वक़्त के दरिया में से बहकर निकले जो
खुशियों और दुखो को उन, अपनाना पड़ता है |

जीवन के इन खेलों में, जीतना चाहे मुमकिन हो,
खुश होकर कुछ मौको पर हार भी जाना पड़ता है |

वक़्त हमें सिखला देता है जीने के सारे अंदाज़
बस सीखों को अपना बना कर गले लगाना पड़ता है |

गर्दिश-ए-दौराँ हर मोड़ पे मिलते हैं "निपुण"
जज्बा-ए-दिल हो गर तो उनको जाना पड़ता है |


-------------- निपुण पाण्डेय "अपूर्ण "

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भोर से पहले

आज सुबह तकरीबन चार बजे ही आँख खुल गई | सोचा कुछ लिखूं तो ये कुछ पंक्तियाँ बन पड़ी .......

जग गया हूँ आज मैं सुहानी भोर से पहले
सोचता हूँ इस ख़ुशी में कुछ लिखूं ,
पर भटकता हूँ विचारो की धुन्ध में
बूझता हूँ आप से, लिखूं तो क्या लिखूं ?

पंछियों के प्रात के इस गान को
मधुर कलरव समझ कर मैं लिखूं ?
या निशा के दूर तक फैले हुए
निःशब्द सन्नाटे को लिखूं ?

भानु की चंचल किरण जो अभी आई नहीं
तेज को उसके, नव जोश को लिखूं ?
या गगन में दूर तक पसरे हुए
तिमिर घोर के आक्रोश को मैं लिखूं ?

सोचते ही सोचते नभ लालिमा में रंग गया
रात का अँधा कुआँ चुपचाप जा के सो गया ,
क्षितिज से है झांकती उज्जवल उषा
सोचता हूँ अब इस उजाले पर लिखूं |

इस सुबह मैं कुछ नया ना सोच पाया
पर वही सच बचपन से सुना फिर याद आया,
सब्र रख, बीतेगी निशा और सुबह होगी
चाहता हूँ भोर के उन्माद को अब मैं लिखूं |

----------------- निपुण पाण्डेय "अपूर्ण"

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कविता by निपुण पाण्डेय is licensed under a Creative Commons Attribution-Noncommercial-No Derivative Works 2.5 India License. Based on a work at www.nipunpandey.com. Permissions beyond the scope of this license may be available at www.nipunpandey.com.

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